SUKH PAL DHINGAN

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Tuesday, October 30, 2012

जब हम कमेन्ट या पोस्ट लिखते हैं तो clue/हिंट छोड़ देते हैं//EXAMPLE =भंगी लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे चमार न समझ ले, चमार लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे भंगी न समझ ले और महार लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे चमार न समझ ले

में जो लिख रहा हूँ उसको कोई भी भाई व्यक्तिगत ताना न समझे////हमारे अंदर का चमार, महार, और भंगी जब तक नहीं मरेगा तब तक हम अम्बेडकरवादी/मूलनिवासी/बहुजन कहलाने के हकदार नहीं हैं///जब हम कमेन्ट या पोस्ट लिखते हैं तो clue/हिंट छोड़ देते हैं//EXAMPLE =भंगी लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे चमार न समझ ले, चमार लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे भंगी न समझ ले और महार लिखते समय ये सोचता है की कोई मुझे चमार न समझ ले////हम अपने नाम के साथ गोत्र लिखते हैं उस से पता चलता है की हमारी अनुसूचित जाती की उपजाति क्या है?मनुवादियों द्वारा दी गई पहचान पर HAME गर्व नहीं करना चाहिए///नेक्स्ट टाइम ESE लिखे =बहुजन समाज KE कुछ लोग ऋषि बाल्मीकि को नहीं छोड़ रहे///PLS BECOME BAHUJAN/MOOLNIVASI OR BUDDHIST...JAY BHIM

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